आस्था से आहत होती व्यवस्था

आस्था से आहत होती व्यवस्था

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एक कुंठित और तार्किक रूप से अवैज्ञानिक समझ वाले समाज को मैनेज करना सरकारों के लिए ज्यादा आसान रहता है, क्योंकि भ्रष्टाचार में डूबे हुए होने के बावजूद राजनीतिक दल उन्हें भावनात्मक रूप से बरगलाकर अपने पक्ष में कर ही लेते हैं।

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Courtesy : Jagran – Apni Baat

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