चाणक्य ने कहा है कि अज्ञान के समान दूसरा कोई शत्रु नहीं

चाणक्य ने कहा है कि अज्ञान के समान दूसरा कोई शत्रु नहीं

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ज्ञान मनुष्य को तृप्ति, संतोष, आनंद, शांति व निर्भयता का दान देता है, जबकि अज्ञान अतृप्ति, असंतोष, अशांति व भय का उपहार देता है।

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Courtesy : Jagran – Apni Baat

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