विजयी बनने की आकांक्षा समाप्त कर देती है उचित-अनुचित की सीमा

विजयी बनने की आकांक्षा समाप्त कर देती है उचित-अनुचित की सीमा

0

साधनों की प्रचुरता के बावजूद अनेक लोग सुखी महसूस न करने पर आनंद की खोज में अन्यत्र भटकते हैं। कुछ लोग यश-कीर्ति में आनंद खोजते हैं।

Read More : विजयी बनने की आकांक्षा समाप्त कर देती है उचित-अनुचित की सीमा
Courtesy : Jagran – Apni Baat

LEAVE A REPLY