संपादकीयः संकीर्णता की जड़ें

संपादकीयः संकीर्णता की जड़ें

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ग्रेटर नोएडा इलाके में मंगलवार को कुछ अफ्रीकी मूल के विद्यार्थियों पर जिस तरह स्थानीय भीड़ ने हमला किया और बुरी तरह मारा-पीटा, उससे एक बार फिर यह सवाल उठा है कि आधुनिकता की चकाचौंध में पलते समाज में सोच-समझ के स्तर पर कितना विकास हो सका है।

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